आज कोरोना की वजह से हम सभी जीवन का असत व्यस्त हो गया हैं. कोरोना की वजह से हुआ लोखड़ौन ने लोगो को हताश कर दिया हैं. जो लोग दूसरे शहरो मैं गए थे रोजी रोटी के लिए उनका पलायन जारी हैं, स्थिति ऐसे हैं को उन लोगो के पास न तो पैसा हैं न ही खाना।

आज एक परिवार की कहानी सामने आयी हुई हैं जिसमें अपने परिवार को घर पहुंचने के लिए उसे सायकिल चोरी करनी पड़ी. इस मजबूर का बच्चा दिव्यांग हैं और वह चल नहीं सकता जिसकी वजह से उसे चोरी का सहारा लेना पड़ा।

सोर्स : गूगल

यह घटना भरतपुर के राहर गांव मैं हुई हैं, जहा उत्तरप्रदेश के प्रवासी मजदूर मोहम्मद इकबाल ने 11 मई की रात को सायकल चुराई और साथ ही उसने एक पत्र लिखा जिसमे चोरी करने के लिए माफ़ी भी मांग ली.

पत्र मैं लिखा :

मैं आपकी सायकल लेकर जा रहा हूँ, हो सके तो माफ़ करना मेरे पास कोई साधन नहीं हैं , मेरा एक बच्चा विकलांग हैं जिसकी वजह से मुझे ये करना पद रहा हैं.

जैसे ही ये पत्र सोशल मीडिया मैं वायरल हुआ उसके बाद इस पत्र ने लोगो को सोचने पर मजबूर किया :

ये हमारी अर्थवयवस्था की रीद की हड्डी हैं, इनकी ये हालत हमारे समाज के लिए एक बहुत बुरा सन्देश हैं।