American pharma Pfizer की कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण ब्रिटैन में अगले हफ्ते से शुरू हो सकता है। पर फ़िलहाल भारत को वैक्सीन का मिलना कुछ मुश्किल सा नजर आ रहा है। खबरों के मुताबित किसी भी देश में किसी भी वैक्सीन को मंजूरी देने से पहले उसका Clinical Trial होना बहुत जरुरी है तभी वह देश वैक्सीन का प्रयोग करने में सक्षम हो पायेगा। और अभी तक फाइजर और उनकी सहयोगी कंपनियों ने भारत को ट्रायल देने में कोई रूचि नहीं दिखाई है।

सोर्स : firstpost

आगे जा के अगर यह कंपनी भारत में ट्रेल के लिए संकेत देती भी है तो वैक्सीन को सभी के लिए प्रयाप्त होने में काफी समय लग जायेगा। कहा जा रहा है की भारत ने फाइजर से अगस्त में बातचीत की थी पर वह बात आगे नहीं बढ़ पायी।

सूत्रों की माने तो भारत का ध्यान American pharma Pfizer की कोरोना वैक्सीन पर नहीं बल्कि बाकि दूसरे पांच वैक्सीन पर है जिनमे ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (AstraZeneca and Oxford University ) की वैक्सीन कोविशील्ड भी शामिल है।

pfizer-coronavirus-vaccine

Serum Institute का कहना है की वह जनवरी तक कविदशील्ड की 10 करोड़ तक वैक्सीन तैयार कर लेगा। सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला का कहना है कि उनकी कंपनी कोविशील्ड के आपात इस्तेमाल के लिए केंद्र सरकार से 3 हफ्ते में मंजूरी भी मांग सकती है। AstraZeneca कहा गया  कि उसकी वैक्सीन कोविशील्ड 90% तक प्रभावी हो सकती है. अगर वैक्सीन की दो डोस दिए जाये तो इसका असर 70% तक रहेगा।