इस कोरोना वायरस की महामारी मैं दुनिया भर के डॉक्टर खुद की जान की परवाह किये बिना ही लाखो कोरोना मरीजों की जान बचने मै लगे हुए हैं। ये रियल हीरो हैं इनमे से ही एक हैं डॉ जाहिद जिन्होंने अपनी परवाह किये बिना ही पहले कर्त्वय निभाना जरुरी समझा और आज वे खुद कोरोना पॉजिटिव हो गए।

ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स के ट्विटर पर हाल ही में एक बयान जारी किया, जिसमें डॉ जाहिद द्वारा कोविड -19 संक्रमित रोगी के प्रति असाधारण समर्पण के बारे में बताया गया है।

एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) ने एक पत्र में लिखा है कि, ज़ाहिद अपने रमजान के उपवास को नहि तोड़ पाए जब उन्हें आईसीयू में एक अंतःक्षिप्त रोगी को शिफ्ट करने के लिए बुलाया गया था।

और आगे बताया गया की कैसे उन्होंने अपना कर्त्वय निभाया, मरीज को वेंटीलेटर में शिफ्ट किया गया उसके बाद डॉ जाहिद ने देखा की वेंटीलेटर सही तरीके से काम नहीं कर रहा था और PPE की वजह से उन्हें सही से दिख नहीं रहा था थें उन्होंने अपना चश्मा उतारकर वेंटीलेटर को सही करने का फैसला लिया और फिर वे भी पॉजिटिव हो गए। ये हमारे कोरोना वॉर्रिएर्स।

हालाँकि कुछ लोग उनकी हरकतों पर सवाल उठा सकते हैं, शायद वही एकमात्र तरीका था जिससे वह पीड़ित को बचा सकता था। डॉ। ज़ाहिद अब quarantine में हैं।

हम भी ऐसे वर्रिएर्स को दिल से सलूट करते हैं #StayBlessed