केंद्र सरकार ने कचरा मुक्त शहरो की सूचि सार्वजानिक की हैं , जिसमे कुछ शहरो को फाइव स्टार, और कुछ शहरो को 3 स्टार रेटिंग दी गई है. इस सूचि मैं मैसूर, इंदौर और राजकोट, सूरत जैसे 6 बड़े शहरो रखा गया हैं.

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कचरा मुक्त शहरो की लिस्ट जारी करते हुए कहा कि कोरोना वायरस जैसी बीमारी में सफ़ाई का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि इससे वातावरण को शुद्ध रखने में मदद मिलती है.

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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया की कुछ समय पहले साफ-सफाई के लिए जरुरी गुइडेलिने सभी शहरो को दी गई थी। सभी शहरो ने अच्छी तरीके से इन नियमो का पालन किया था और इसी तरीके बोहत सी चीज़ो को ध्यान मैं रखकर मैं ये सूचि बनाई गई हैं। वैसे ये लिस्ट मैं अलग अलग शहरो को अलग अलग स्टार दिए गए हैं.

फाइव स्टार रेटिंग वाले शहर :

1. इंदौर (मध्य प्रदेश)

2. मैसूर (कर्नाटक)

3. नवी मुंबई (महाराष्ट्र)

4. सूरत (गुजरात)

5. राजकोट (गुजरात)

6. अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)

कुछ प्रमुख शहर जिन्हे मिली हैं ‘थ्री स्टार’ रेटिंग, वैसे इस लिस्ट मैं तक़रीबन 50 शहरों को इस सूचि मैं डाला गया हैं।

1. चंडीगढ़ (चंडीगढ़)

2. नई दिल्ली (दिल्ली)

3. करनाल (हरियाणा)

4. भोपाल (मध्य प्रदेश)

5. तिरुपति (आंध्र प्रदेश)

6. अहमदाबाद (गुजरात)

जैसे की इसे स्टार के हिसाब डिवाइड किया गया हैं तो तक़रीबन देश के क़रीब 70 शहरों को ‘1 स्टार’ रेटिंग मिली है. इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश के छ शहर, , छत्तीसगढ़ के पांच शहर, मध्य प्रदेश के सात प्रमुख शहर, आंध्र प्रदेश के चार शहर और दिल्ली व हरियाणा का एक -एक प्रमुख शहर शामिल है.

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इस सूचि में शामिल शहरों को अलग-अलग पहलू पर नपा जाता हैं. जिसमे रोजाना की साफ़ सफ़ाई, पॉलीथिन उपयोग ना कारना , नालों की सफ़ाई, वेस्ट मैनेजमेंट जैसे कई पहलूओं को शामिल किया जाता हैं . इन्ही पहलुओं के आधार पर अलग-अलग शहरों को रेटिंग दी जाती हैं.इसी तरह ‘स्वच्छ भारत अभियान‘ के तहत भी देश के हर शहर, गांव और कस्बों को इसी तरह से मापा जाता है. हर साल देश के सबसे स्वच्छ शहर का ऐलान किया जाता है.