भारत में 59,700 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. वहीं, 1900 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 17,800 मरीज़ ठीक हुए हैं. लॉकडाउन की अंतिम तारीख़ 3 मई थी जो की 17 मई तक के लिए बढा दिया गया है, इसके बावजूद देश में एक्टिव केस 39,800 के आस पास हैं.

सोर्स : गूगल

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में इज़ाफ़ा हो रहा है . हालांकि, संक्रमण की रफ़्तार धीमी पड़ी है.और भारत में रिपोर्ट किए गए कोरोना वायरस संक्रमितों के ठीक होने वालो की संख्या भी बढ़ रही है, ये एक अच्छी खबर है और साथ ही हमने मौत के आंकड़े को भी काम किया है |

1 मई को गृह मंत्रालय की ओर से गाइडलाइन भी जारी की गई है. जिसके मुताबिक, अब लॉक डाउन को 17 मई तक के लिए बड़ा दिया हैं | साथ ही देश के कई जिलों में लॉकडाउन से छूट दी जा सकती है. हालांकि, ये सिर्फ़ उन ज़िलों के लिए है, जहां कोरोना पर क़ाबू पा लिया गया है. हॉट्स्पॉट में ये व्यवस्था लागू नहीं होगी.

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भारत के राज्यों के हालात –

महाराष्ट्र कोरोना वायरस से सबसे ज़्यादा प्रभावित है. राज्य में 19,000 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. वहीं, 700 से जयादा लोगों की मौत हो चुकी है. दूसरे नंबर पर गुजरात है, जहां 7,400  से जयादा लोग कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं और 445 से जयादा मौतें दर्ज़ की गई हैं. दिल्ली तीसरे नंबर पर है, यहा
6,300 से ज्यादा कोरोना के केस हुए हैं जबकि 68 से ज्यादा  मरीज़ों की अब तक जान गई है.

तमिलनाडु में भी लगातार संक्रमित मरीज़ों की संख्या में इज़ाफ़ा देखने को मिल रहा है. यहां बीते 24 घंटों में 600 नए केस दर्ज हुए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 6,009 हो गई है. वहीं, राज्य में अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है.

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राजस्थान में 57 नए केस सामने आने के बाद राज्य में संक्रमण के शिकार मरीज़ों की संख्या बढ़कर 3,636 हो गई है. यहां 103 लोगों की मौत हो चुकी है.

देश में लॉकडाउन का तीसरा फ़ेज़ चल रहा है, इसके बावजूद हर रोज संक्रमित मरीज़ों की संख्या में इज़ाफ़ा देखने को मिल रहा है. ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा है कि हमें कोरोना वायरस के साथ जीना सीखना होगा और ऐहतियाती कदमों को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाना होगा. हालांकि, उन्होंने कहा कि मरीज़ों की संख्या दोगुनी होने की रफ़्तार पहले के मुकाबले कम हुई है. दो दिन पहले तक औसतन 10 दिन में संक्रमित लोगों की संख्या दोगुनी हो रही थी लेकिन आज ये औसत 12 दिन का है.

इसी प्रकार अब कोरोना के नए केस एते रहे तो आगे का प्लान क्या होगा ?