हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह आज अपना 88वां जन्मदिन मना रहे हैं। 2004-2014 तक केंद्र में गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने वाले मनमोहन सिंह वर्तमान में राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं।

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1991 में नरसिम्हा राव के शासनकाल में वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने बहुत महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार किये थे। 1991 के बजट में आधुनिक भारत की नींव रखने और देश में आर्थिक सुधारों का रोडमैप तैयार करने का श्रेय डॉ. मनमोहन सिंह को जाता है।

डॉ. सिंह का जन्म 26 सितंबर, 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत में हुआ था। अब ये जगह पाकिस्तान में है। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ाई की और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

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वित्त मंत्री और प्रधान मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत की आर्थिक कहानी को पूरी तरह से बदल दिया. आइये जानते हैं उनकी कुछ बड़ी उपलब्धियों के बारे में:

1. उदारीकरण

जब दुनिया ग्लोबलाइज़ेशन की तरफ़ बढ़ रही थी, तब भारत ने अपना बाज़ार विदेशी कंपनियों और निवेश के लिए बंद कर रखा था। भारत बहुत हद तक समाजवादी रुख के साथ आगे बढ़ रहा था। सरकार को अर्थव्यवस्था का मुख्य चालक माना जाता था। वित्त मंत्री के रूप ने डॉ. सिंह ने भारत के बाज़ार को खोल दिया और देश उदारीकरण, निजीकरण और ग्लोबलाइज़ेशन की राह में आगे बढ़ गया।

2.चंद्रयान और मंगलयान मिशन

चंद्रयान और मंगलयान मिशनों को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंज़ूरी दी थी. शुरुआत में चंद्रयान-1 भारत और रूस के बीच एक संयुक्त मिशन था। हालांकि, 2012 में इसरो ने इस मिशन को अकेले अंजाम देने का फैसला किया। 2012 में मनमोहन सिंह ने मंगल मिशन की घोषणा की थी।

3. विशेष आर्थिक क्षेत्र

23 जून 2005 को इस अधिनियम को मंज़ूरी मिली जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में विदेशी निवेश को आकर्षित करना था। इसके ज़रिये वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात के माध्यम से विदेशी मुद्रा जुटाने पर भी ज़ोर दिया गया था। विशेष आर्थिक क्षेत्र की स्थापना के अंतर्गत वहां अपना काम शुरू करने वाली कंपनियों को काफ़ी सहूलियतें दी गयी थीं।

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4.भारत-अमेरिका परमाणु समझौता

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है भारत-अमेरिका परमाणु समझौता या भारत नागरिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करना। मनमोहन सिंह और अमेरिका के राष्ट्रपति, जॉर्ज बुश के संयुक्त बयान में इस समझौते की रूपरेखा की घोषणा की गई।

समझौते के तहत भारत ने सहमति व्यक्त की कि उसकी सभी परमाणु सुविधाओं को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के देख-रेख में रखा जाएगा। 1 अक्टूबर 2008 को अमेरिकी सीनेट ने असैन्य परमाणु समझौते को मंज़ूरी दे दी जिसके बाद भारत अमेरिका से परमाणु ईंधन और प्रौद्योगिकी का लेन-देन कर सकता था।

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5.राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना

इस योजना ने भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की ज़िंदगी में बहुत अहम् रोल अदा किया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भारत सरकार ने 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (NREGA) की शुरुआत की। ये एक सामाजिक सुरक्षा योजना है जिसका उद्देश्य भारत में ग्रामीण समुदायों और मज़दूरों को आजीविका और रोज़गार प्रदान करना है। नरेगा के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को एक वर्ष में कम से कम 100 दिन के रोज़गार देने की गारंटी दी गई है। आगे चलकर इस योजना का नाम बदलकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) कर दिया गया।

6. GDP में बढ़त

अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था 8–9% की दर से बढ़ी. 2007 में भारत ने 9% की GDP विकास दर हासिल की और दुनिया की दूसरी सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बन गयी।