इन दिनों भारत में कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन ने अर्थव्यवस्था को बुरी तरह नष्ट कर दिया हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और लॉक डाउन के कड़े नियमों के कारण बहुत से लोगों के रोज़गार चले गए और कई काम-धंधे बंद हो गए। ऐसा ही अब कुछ गोवा में भी देखने को मिल रहा है। कोरोना संक्रमण की वजह से यहां के पर्यटन उद्योग की हालत ख़राब है, जिसके चलते ड्रग्स बेचने वालों के भी बुरे दिन आ गए हैं।

बता दे की, गोवा मैं ड्रग्स बेचने वालों की कमाई का ज़रिया गोवा आने वाले टूरिस्ट थे। चूंकि अब वो यहां आ नहीं रहे तो इन लोगों की कमाई बंद हो गई है। ऐसे में कुछ ड्रग्स सप्लाई करने वालों ने सब्ज़ी-फल और मास्क बेचने शुरू कर दिए हैं तो कुछ ने गाड़ियों की सफ़ाई और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर मज़दूरी जैसे कामों का सहारा लिया है।

Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, हमारे देश में लॉकडाउन लागू होने के बाद ड्रग्स रिहैबिलिटेशन के लिए आने वालों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ गई है। मार्च से पहले लगभग 25-30 लोग रेगुलर सेंटर पर आते थे, पर अब अप्रैल और मई के महीने में संख्या बढ़कर 60 हो गई। हिरोइन के लती 68 व्यक्ति अब तक MMT उपचार के लिए पंजीकृत हुए हैं। इस बीच, 40-50 व्यक्ति राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के माध्यम से कार्यान्वित एक कार्यक्रम से गुज़र रहे हैं. डॉक्टरों ने बताया कि मई में ऐसे मरीज़ों की संख्या में हुई बढ़ोतरी की वजह से सेंटर में दवाइयां कम पड़ गई हैं।