उत्तराखंड सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए नए नियम जारी किए हैं। राज्य सरकार ने पर्यटकों के लिए कोविड जांच की निगेटिव रिपोर्ट और सात दिन होटल, होम स्टे में ठहरने वाला प्रतिबंध हटा दिया है।

अब कोई भी पर्यटक बिना कोरोना जांच रिपोर्ट के उत्तराखंड घूमने आ सकता है, लेकिन उसे स्मार्ट सिटी देहरादून वेबसाइट पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा।

नई व्यवस्था 23 सितंबर से लागू हो गई। सरकार के इस फैसले से पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों में नई उम्मीद जगी है. उत्तराखंड के मुख्य सचिव ओम प्रकाश की ओर से पर्यटकों के लिए कोविड जांच की निगेटिव रिपोर्ट और होटल व होम स्टे में सात दिन ठहरने की बुकिंग का प्रतिबंध हटाने के आदेश जारी किए गए हैं।

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कोरोना संक्रमण रोकने के लिए पूर्व में जारी आदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए आईसीएमआर की मान्यता प्राप्त लैब से आरटी-पीसीआर कोविड जांच की निगेटिव रिपोर्ट, एंटीजन टेस्ट कराने पर ही प्रदेश में प्रवेश की अनुमति की व्यवस्था थी।

रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य

राज्य में रहने के लिए कम से कम दो दिन ठहरने की बुकिंग को अनिवार्य किया गया था. लेकिन अब सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को अब स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया गया है।

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होटल व होम स्टे, रेस्टोरेंट संचालकों को पर्यटकों की थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन और अन्य प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. ऐसे में अगर अपने पर्यटन के दौरान यदि कोई भी सैलानी कोरोना संक्रमित पाया जाता है तो तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करना होगा. ये होटल की जिम्मेदारी होगी। सरकार ने इसे सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए हैं।

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कोरोना नियमों में पर्यटन को लेकर ढील दिए जाने से कारोबारी खुश हैं। उत्तराखंड होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का पर्यटकों के लिए कोविड नेगेटिव रिपोर्ट, ठहरने की अनिवार्यता को हटाकर सरकार ने सही फैसला लिया है। इससे प्रदेश में पर्यटन कारोबार बढ़ेगा, जबकि राजस्थान व हिमाचल प्रदेश में ये प्रतिबंध पहले ही हटा दिए थे।