हमारे देश मैं सीवर की सफाई करते हुए मजदूरों की जान जाने की खबरें आए दिन सामने आती रहती हैं। ज्यादातर मामलों में मजदूरों की मौत जहरीली गैस की वजह से होती है। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में अब सीवर सफाई के लिए रोबोट तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

यानी कि अब ग्रेटर नोएडा में अब मजदूरों और सफाईकर्मियों को सीवर के दलदल में नहीं उतरना पड़ेगा. इससे पहले गुरुग्राम में भी सीवर साफ करने वाला रोबोट आ चुका है। इस रोबोट के जरिए जमीन से 8 मीटर नीचे मैनहोल, स्लज और ब्लॉकेज की सफाई की जा सकेगी। इस रोबोट में एक स्वचालित कैमरा भी लगा हुआ है, जिससे बाहर बैठकर ही आसानी से मॉनिटरिंग की जा सकेगी। इस रोबोट से एक दिन में 10 मैनहोल की सफाई की जा सकेगी, रोबोट आने के बाद अब किसी भी कर्मचारी को सफाई के लिए मैनहोल में नहीं उतरना पड़ेगा।

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ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि ग्रेटर नोएडा की आबादी 10 लाख है। आने वाले 10 साल में ग्रेटर नोएडा की आबादी करीब 25 लाख हो जाएगी। ऐसे में इस रोबोट तकनीक की मदद से एक दिन में पांच सफाईकर्मयों का काम लिया जा सकेगा। रोबट के जरिए सफाई के दौरान निकलने वाली गैस की जानकारी भी डैशबोर्ड पर देखी जा सकेगी।

इस रोबोट की कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई है. हैदराबाद, केरल, असम और तमिलनाडु में इस तरह की रोबोटिक तकनीक पहले से ही उपल्ब्ध है। यूपी में यह पहला रोबोट सीवर क्लीनर है।