इन दिनों ये बात हमसे छिपी नहीं है कि हमारे देश में बहुत से लोग ऐसे हैं जो मज़हबी भाई-चारे में विश्वास नहीं रखते। एक आप एक नज़र सोशल मीडिया पर मारे तो ये सारी टिप्पणियां बेहद आम बात -जैसे की ‘पाकिस्तान चले जाओ, ‘Anti-national हो तुम’ ‘Sickular’ तो ऐसे वर्ड आप को देखने को मिल जायेंगे।

इसी बीच लेट एक्टर, इरफ़ान ख़ान के बेटे ने एक ट्वीट का जवाब देते हुए बीते बुधवार को अपने मन की कुछ बातें लिखीं, इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिए।

बाबिल ने लिखा कि वो सत्ताधारियों के ख़िलाफ़ अपने मन की बात नहीं लिख सकते हैं क्योंकि हमेशा उनकी पूरी टीम यही कहती है कि इससे उनका करियर ख़त्म हो जायेगा।

‘यक़ीन नहीं हो रहा न? मैं डरा हुआ हूं, मैं भयभीत हूं, मैं डरना नहीं चाहता. मैं बस फ़्री फ़ील करना चाहता हूं। मैं नहीं चाहता कि कोई मुझे मेरे धर्म पर जज करे। मैं अपना धर्म नहीं हूं, मैं एक इंसान हूं, बाक़ी भारतीयों जैसे ही।’

बाबिल ने ‘बिना नाम’ लेते हुए आगे की कहानी बयां की।

‘आप चाहते हो न कि मैं करियर ख़त्म करने के रास्ते पर न चलते हुए और किसी का नाम न लेते हुए पूरी बात कहूं, तो ये लीजिए। शुक्रवार को ईद की छुट्टी कैंसिल कर दी गई जबकि सोमवार को रक्षा बंधन की छुट्टी है। सब ठीक न, कोई दिक्कत की बात नहीं. मैं शनिवार को ईद मना लूंगा जिस दिन ईद नहीं है…’

यूं तो पूरी दुनिया पर ही अलग-अलग ख़तरे मंडरा रहे हैं पर बाबिल ने भारत की सेक्युलर छवि पर मंडरा रहे ख़तरे पर बात की।

‘भारत में अचानक बढ़ रही धर्मों के बीच की दीवार बहुत भयानक है. मेरे कुछ दोस्तों ने मुझ से बात-चीत बंद कर दी है क्योंकि मैं एक ‘ख़ास’ धर्म का हूं। ये वो दोस्त हैं जिनके साथ में 12 की उम्र में क्रिकेट खेलता था। मेरे हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, इंसान दोस्त…’

जैसा कि अमूमन होता है बाबिल ने भी लिखा कि अब वो इंतज़ार कर रहे हैं जब लोग उन्हें ‘जिहादी तू पाकिस्तान जा न फिर, तू ऐन्टी-नेशनल’ कहे

‘पहली बात, भारत से प्यार करता हूं और मैं ये इसलिए कह रहा हूं कि मेरी शिक्षा लंदन में चल रही है और मैं जब भी जाता हूं, मुझे सिर्फ़ वापस आने का इंतज़ार रहता है, वापस घर आकर रिक्शा राइड लेने, अक्सा बीच पर पानी-पुरी खाने और कहीं भी घूमने, जंगल में, भीड़ में… आई लव इंडिया. मुझे ऐन्टी-नेशनल कहने की जुर्रत मत करना, मेरा वादा है, बॉक्सर हूं, नाक तोड़ दूंगा।’