लोगों को इस लॉकडाउन ने कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति और धैर्य का रखना सीखा दिया है। इसमें ऐसे कुछ ऐसा नहीं थे जो करना छह रहे थे सिर्फ मज़बूरीवश उन्हें ये करना पड़ा, उदहारण के तोर पर आप देखे 15 वर्षीय ज्योति कुमार , जिन्होंने सायकल पैट अपने बीमार पिता के साथ गुरुग्राम से बिहार तक 1200 किमी की दूरी तय की। इसके बाद, उन्हें साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा एक परीक्षण की पेशकश की गई थी।

jyoti

सोर्स : गूगल

इसी बीच आप सबने देखा था की इवांका ट्रम्प ने इस बच्ची की कहानी को अपने ट्विटेटर हैंडल पर शेयर किया था। फिर कुछ ने उन्हें धन्यवाद कहा था और कुछ उनके अपोजिट भी थे। इसी बीच दी इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत पर ज्योति ने खा अभी वो अपनी पढाई पर ध्यान देना चाहती हैं, अभी उन्होंने किसी का कोई भी ऑफर स्वीकार नहीं किया हैं.

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दरभंगा के जिला मजिस्ट्रेट ने ज्योति को 9 वीं कक्षा में पिंडारूच हाई स्कूल में दाखिला दिलाया और साथ उसे एक नया साइकिल, स्कूल यूनिफॉर्म और स्कूल जूते भी दिए गए हैं।

ज्योति ने जो किया वो सराहनीय हैं पर हमे हालातो के बारे मैं भी सोचना पड़ेगा।