मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व में ओडिशा सरकार ने मंगलवार को एक वेब पोर्टल ‘सुमंगल पोर्टल’ को लॉन्च किया है. ये पोर्टल अंतर-जातीय जोड़ों को शादी करने में मदद करेगा और अंतर-जातीय विवाह को बढ़ावा देगा। हलाकि हम लोग कई चीज़ो में बहुत आगे बढ़ चुके है पर जाती पाती का भेद अभी भी कहि न कही बाकी ही है। इसी सोच को बदलने के लिए ओडिशा सर्कार द्वारा यह कदम उठाया गया है।

आवेदन के 60 दिनों के भीतर सरकार द्वारा तय की गयी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रोत्साहन राशि 2.5 लाख तय की गयी है जो पहले 1 लाख थी। पोर्टल को ST और SC विकास, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा विकसित किया गया है। सुमंगल पोर्टल अंतर-जातीय विवाहों को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च किया गया है क्योंकि सीएम पटनायक का मानना है कि इस तरह के विवाह सामाजिक सद्भाव लाने में मदद कर सकते हैं।

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वर्ष 2017-18 के में 543 जोड़ों को इसका फ़ायदा मिला था, इसमें सरकार द्वारा 2.65 करोड़ रुपये खर्च किए थे। अब प्रोत्साहन राशि को भी 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया है। प्रोत्साहन राशि किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में जोड़े के संयुक्त खाते में जमा की जाएगी और वे शादी के तीन साल बाद ही राशि निकाल सकेंगे।

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प्रोत्साहन राशि का लाभ तब ही मिल सकता है जब पति या पत्नी में से एक अनुसूचित जाति का होगा। यानी किसी एक का अनुसूचित जाती का होना जरुरी है। यह राशि केवल पहली बार शादी करने वाले लोगों को ही प्रदान किया जाएगा। और इस राशि का इस्तेमाल वेध कार्यो के लिए ही किया जाना चाहिए।