आज रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गवर्नर ने दिल्ली मैं प्रेस कॉन्फ्रेस आयोजित की उन्होंने देश की अर्थववस्था को दुरस्त करने के उपायों को बारे मैं बात की. जैसे की आप सबको पता हैं ही कि इस समय कोरोना महामारी के वजह से हमारे देश की इकॉनमी को बहुत बुरा झटका लगा है. इससे पहले भी हमारे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने तक़रीबन 20 लाख करोड़ के पैकेज का एलान किया था जिसे इकॉनमी को बूस्ट किया जा सके.

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दरम्यान बहुत सी योजनाओ का एलान किया जिसे आम जनता को फायदा हो. उन्होंने बताया की महंगाई दर अब भी 4 फ़ीसदी से नीचे रहने की संभावना है, लेकिन लॉकडाउन के वजह से कई सामानों की कीमत बढ़ सकती है.

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सोर्स : गूगल

आये जानते हैं कुछ मुख्य बिंदु – किस तरह मिलेगीं राहत :

1. RBI ने आम लोगो को लोन की किश्त को तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया हैं और साथ ही मोरेटोरियम पीरियड का ब्याज भुगतान 31 मार्च 2021 तक किया जा सकता है.

2. गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताय की अब रेपो रेट मैं भी कमी की गई , जो की 0.40 फ़ीसदी की होगी, जबकि रिवर्स रेपो रेट 3.75 से अब 3.35 रह जायेगा। इस फ़ैसले से होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन सहित सभी तरह के लोन पर EMI सस्ती होगी. इससे पहले मार्च में भी रेपो रेट में 0.75 फ़ीसदी की कटौती की गई थी.

3. गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि, साल 2021 में विकास दर नकारात्मक रहने की संभावना है. साल 2020-21 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार में 9.2 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी तक 487 बिलियन डॉलर है.

4. गवर्नर ने बताया कि, कोर इंडस्ट्रीज़ के आउटपुट में 6.5% की कमी हुई है और उत्पादन में 21 फ़ीसदी की गिरावट हुई है. मार्च में औद्योगिक उत्पादन में 17% की कमी दर्ज की गई है. मांग और उत्पादन में कमी आई है. अप्रैल महीने में निर्यात में 60.3 % की कमी आई है.

5. गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि मुद्रास्फीति की दर पहली छमाही में तेज़ रह सकती है, दूसरी छमाही में इसमें नरमी आएगी, वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी/चौथी तिमाही में ये 4 प्रतिशत से नीचे रह सकती है.

6. गवर्नर ने कहा कि भारत बिजली, पेट्रोलियम उत्पाद की खपत में गिरावट और निजी खपत में भी भारी गिरावट देखी जा रही है. मांग मैं कमी होना मुख्य वजह हैं.

इस दौरान उन्होंने कहा की कोरोना की वजह से अभी पूरा विश्व आर्थिक मंदी से गुजर रहा हैं, हमें देश के बड़ी इकॉनमी वाले कुछ राज्य बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं.