कोरोना महामारी के बढ़ते मरीज़ों संख्या को देखते हुए हरियाणा सरकार ने दिल्ली से लगे अपने सभी बॉर्डर्स सील कर दिए हैं। सरकार ने सिर्फ़ ज़रूरी सेवाओं वाले लोगों को ही आने की अनुमति दी है। इसके चलते आज सुबह से ही दिल्ली और हरियाणा बॉर्डर पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

आज सुबह ही हरियाणा और दिल्ली के लोगों को इस आदेश के बारे में पता चला। हर रोज की तरह अपने काम पर जा रहे लोगो को बॉर्डर पर रोक दिया गया। तक़रीबन एक किलोमीटर तक लम्बी लाइन देखने को मिली। साथ लोगो ने कहा कि मोटरसायकल, कार और बसों को जाने दिया जा रहा हैं और पैदल रहे लोगो को रोका जा रहा हैं और फिर लोगो ने वह पर जमकर हंगामा भी किया।

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सोर्स : ट्विटर

वैसे हम आपको बता दे ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब हरियाणा सरकार ने अपनी बॉर्डर को सील किया हो इससे पहले भी लॉकडाउन की शुरुआती फेज मैं भी इसे सील किया गया था। जैसे अभी हमारे देश मैं कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं, जिसकी वजह से सावधानी के तौर पर बॉर्डर्स को बंद किया गया हैं। दोनों पड़ोसी राज्यों के सीमा सील करने से दिल्ली में कई चीजों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश, दोनों ही राज्य सब्जी के सबसे बड़े उत्पादक राज्यों में से एक हैं। हरियाणा से इससे पहले हरी सब्जी को दिल्ली मैं लेन पर भी रोक लगा दिया था। इससे आजादपुर मंडी में सब्जी की आवक काफी कम हो गई थी और सब्जी, फल की कीमतों में काफी उछाल आया था। दिल्ली में दूध की सप्लाई भी पड़ोसी राज्यों से अधिक होती है।

हलाकि अभी तक जरुरी सामग्री के आयात और निर्यात पर कोई रोक नहीं लगाई गई हैं। लेकिन इससे रोज काम करने वाले लोग को परेशानी हो सकती हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गुरुवार को हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बॉर्डर सील करने के आदेश जारी किए थे। उनका कहना है कि दिल्ली के साथ लगे ज़िलों में कोरोना के मामले सबसे ज्यादा बढ़ रहे हैं। इसलिए ये ज़रूरी है कि दिल्ली से सटे हरियाणा बॉर्डर को सील रखा जाए।

सोशल मीडिया पर भी लोगों ने हरियाणा सरकार के इस फ़ैसले का विरोध किया है . आप भी देखिए उनकी प्रतिक्रियाएं: