‘सोनू सूद’ इस पैंडमिक में ये नाम घर-घर पहुंच गया है। लोगों की मदद करने में ये बंदा सबसे आगे रहा है। सोनू ने सैंकड़ों प्रवासी मज़दूरों को अपने-अपने घर भेजा, आर्थिक मदद की और अब उन्हें नौकरी दिलवाने में जुटे हैं। जो भी सोनू के पास मदद मांगता हुआ आता है सोनू उसकी हर संभव मदद करते हैं।

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सोनू सूद की दरिया दिली का नया उदहारण अब आप ही देख लो, लॉकडाउन के बाद बाढ़ की दोहरी मार झेल रहे काशी के नाविकों के लिए ट्वीट के जरिए मांगी गई मदद के पांच घंटों के भीतर ही फिल्म अभिनेता सोनू सूद ने नाविकों के घरों पर राशन किट भिजवाना शुरू कर दिया।

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जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के वाराणसी के रहने वाले तमाम नाविक इस समय दो वक्त के खाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। एक ट्वीट के जरिए उनके लिए सोनू सूद से मदद मांगी गई. इसके बाद सोनू सूद में ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा, ‘वाराणसी घाटों के 350 परिवारों का कोई भी सदस्य आज के बाद भूखा नहीं सोएगा. आज मदद पहुंच जाएगी’

ट्वीट के जरिए सोनू सूद के इस जवाब के 5 घंटों के अंदर ही काशी के गंगा घाट किनारे बसे नाविक परिवारों के घरों तक राशन किट धड़ाधड़ पहुंचने लगीं। शहर के शिवाला घाट किनारे बसा नाविक परिवार का मोहल्ला उस वक्त चहक उठा जब उनके घरों तक सोनू सूद की ओर से भेजी गई राशन किट पहुंची।

राशन किट पाकर एक नाविक परिवार की डॉली ने बताया कि ‘महामारी के बाद बाढ़ की समस्या के चलते उनके नाविक परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खाने से लेकर कई अन्य चीजों की भी दिक्कत हैं, लेकिन सोनू सूद सही मायने में हीरो बनकर जिंदगी में आए हैं।’

एक अन्य नाविक प्रमोद माझी ने बताया कि ‘महामारी और फिर बाढ़ के चलते काशी के नाविकों पर दोहरी मार पड़ी है। क्योंकि पर्यटन पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है और अब तो बाढ़ को देखते हुए नौका संचालन पर भी रोक लगा दी गई है, जो कब तक रहेगा पता नहीं है। आलम यह है कि नाविकों को अपने घरों की महिलाओं के जेवर को बेचकर गुजारा करना पड़ रहा है। मदद तो कई लोगों ने की, लेकिन सोनू भाई की इस वक्त की मदद सरकार और भगवान से भी बढ़कर है. क्योंकि नाविकों की स्थिति इस वक्त काफी बदतर हो गई है।’

सोनू सूद की ओर से मदद की मुहिम में अहम भूमिका उन समाजसेवी युवाओं ने भी अदा की है, जिन्होंने सोनू सूद से ट्वीट करके मदद की गुहार लगाई थी। ट्वीट करने वाले समाजसेवी दिव्यांशु उपाध्याय ने बताया कि पहले भी सोनू सूद ने उनके जरिए काशी के जरूरतमंदों की मदद की है। लेकिन इस बार इतनी जल्दी और असरदार तरीके से मदद उनतक पहुंच जाएगी, इसका अंदाजा भी उनको नहीं था।

उन्होंने बताया कि उनके संपर्क में कुछ नाविक आए और अपने हालात से रूबरू कराया, जिसके बाद जिला प्रशासन से मदद मांगी गई, लेकिन जब मदद नहीं मिली तो सोनू सूद को ट्वीट किया गया। फिर एक घंटे में रिप्लाई भी आ गया कि आपको शाम तक राशन मिल जाएगा. चूंकि वाराणसी में 84 घाट हैं और नाविकों की संख्या भी काफी ज्यादा है, लेकिन उनमें से सबसे ज्यादा जरूरतमंद 350 परिवारों के लिए सोनू सूद से मदद मांगी गई थी।