देशव्यापी लॉकडाउन ने कई लोगों का जीवन प्रभावित किया है. लॉकडाउन की वजह से कई लोगों का रोजगार भी छिन गया है. ऐसे में मानवता और मदद की कई मिसाल भी सामने आ रही हैं. इस कड़ी में डिब्रूगढ़ जिले की एक छात्रा जनमोनी गोगोई को असम पुलिस ने एक दोपहिया वाहन उपहार में दिया है. बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के दौरान वह अपने परिवार की मदद के लिए साइकिल पर घर-घर जाकर सब्जी बेचने का काम करती है.

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परिवार के लिये जनमोनी गोगोई की ये मेहनत देख असम से पुलिस से रहा नहीं गया और उन्होंने उसे दुपहिया वाहन गिफ़्ट कर दिया. हांलाकि, पुलिस ने उसे आर्थिक सहायता पहुंचाने की कोशिश भी की, पर उसने आर्थिक मदद लेने से मना कर दिया. दरअसल, कुछ समय पहले ही सोशल मीडिया पर जनमोनी की एक तस्वीर ख़ूब शेयर की जा रही थी, जिसमें में वो साइकिल में दो बड़े-बड़े थैले लटकाये हुए दिखाई दे रही थी. इस तस्वीर पर असम पुलिस की नज़र पड़ी और उन्होंने जनमोनी के बारे में पूरी जानकारी इकठ्ठा की.

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पुलिस उप-अधीक्षक पल्लवनमुमेद का कहना है कि उसने आर्थिक मदद लेने से इंकार कर दिया था. इसलिये हमने उसे दुपहिया वाहन उपहार में देने का फ़ैसला किया. ताकि वो ज़्यादा मात्रा में सब्ज़ी ले जा सके. जनमोनी डिब्रूगढ़ ज़िले के बोगीबील इलाके की निवासी है. जनमोनी का कहना है कि उसके पिता 18 सालों से बीमार हैं. वो चल फिर नहीं सकते है. वो पिछले 2 सालों से बोरबारुहा बाज़ार में सब्ज़ी बेचने में मां की मदद कर रही है.

असम पुलिस की दरियादिली के लिये उनकी जितनी तारीफ़ की जाये कम हो जाए.