लॉकडाउन की वजह से कोई आज सबसे ज्यादा परेशान है तो वो है मजदुर वर्ग, जिनके पास न तो पैसा है न ही खाने के लिए। हम देख रहे हररोज कई हज़ार मजदुर या तो पैदल या फिर ट्रको की छतो पर बैठकर अपने घर को वापिस जा रहे हैं.

आज सारे मजदुर किसी भी तरीके से अपने घर जाना चाह रहे हैं, इस दरम्यान इन्हे रस्ते मैं किसी ने खिला दिया तो ये खा लेते हैं, न ही तो भूके ही रह जाते हैं. वैसे रस्ते मैं बहुत से ऐसे लोग हैं जो इन लोगो की मदद कर रहे हैं, पर मजदूरों की संख्या ज्यादा होने की वजह सबको नहीं मिल पता. आज हमको बताते हैं कुछ नेक दिल शिक्षक रस्ते से गुजर रहे मजदूरों के लिए भोजन की वयवस्था कर रहे हैं. इनका ये कार्य बड़ा ही सरहनिय हैं.

तेलंगाना के 100 शिक्षकों को समूह जो इन मजदूरों के लिए भोजन की वयवस्था कर रहे :

सोर्स : गूगल

मंडल शिक्षा अधिकारी, बट्टू राजेश्वर के मार्गदर्शन में ये शिक्षक पिछले कुछ दिनों से निज़ामाबाद के पास पर्किट जंक्शन पर प्रवासी मज़दूरों के लिए खाने-पीने और जुटे – चप्पल की व्यवस्था कर रहे हैं. इनका 100 शिक्षकों का समूह जो ये नेक काम कर रहे हैं.

TOI से बातचीत मैं राजेश्वर जी ने बताया की पहले तक़रीबन 700 प्रवाशी होते थे लेकिन ये बढ़कर तक़रीबन 3000 हो जाते हैं. हमने कुछ रसोइओं को काम पर लगाया हैं जो हररोज नया वयंजन बनाते हैं हमारे समूह के शिक्षक उन्हें वितरित हैं. इस काम मैं प्रतिदिन हमें 20 हज़ार का खर्च आता है।

तो हमे भी कोशिश करनी चाहिए की हमारे आस पास कोई भूका न रहे.