जैसा की सब जानते है मिर्ज़ापुर का क्रेज़ इतना ज्यादा है की सबकी नजरे मिर्ज़ापुर के दूसरे भाग के लिए तकतकाई  हुयी थी। ममिर्जापुर की स्टोरी इतनी दिलचस्प और एक्शन से भरी हुयी थी की लोगो पर इसका  नशा सर चढ़ के बोला और सभी ने इस सीरीज के कलाकारों के काम को खूब पसंद किया।

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23 अक्टूबर 2020 को यह सीरीज रिलीज़ हो गयी है और ये शो अमेज़न प्राइम में उपलब्ध है।  सीरीज को बिंज वाच करने से पहले उससे जुडी कुछ दिलचस्प बाते जानिए।

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  1. पंकज त्रिपाठी जो मिर्ज़ापुर में सबसे जोरदार किरदार “कालीन भैया” का रोल निभाया, उन्होंने बताया की, उन्होंने इस वेबसीरीज के रिलीज होने के डेढ़ साल तक इस शो को नहीं देखा था और वह लोखड़ौन के दौरान इस शो को देख पाए।उन्होंने इस शो को ना देख पाने की वजह उनका बिजी शेड्यूल बताया। 

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  1. एक इंटरव्यू के दौरान अली फजल नेबताया कि उन्हें सबसे पहले इस वेबसीरीज में मुन्ना त्रिपाठी और गुड्डू पंडित, इन दोनों के रोले के लिए टेस्ट किया गया था आखिरकार ये फैसला हुआ कि वे गुड्डू का किरदार ही निभाएंगे।

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  1. दिव्येंदु शर्मा जो मिर्ज़ापुर में “मुन्ना त्रिपाठी” का रोले निभाते हुए नजर आ रहे है उन्हें सबसे पहले विक्रांत मैसी का रोल यानि “बबलू पंडित” का रोले निभाने का ऑफर मिला था। दिव्येंदु ने कहा कि जब उन्होंने यह स्क्रिप्ट पढ़ी तो उन्हें यह इतनी पसंद आयी कि वे इस सीरीज में कोई भी रोल निभाने को तैयार थे। हालांकि जब कास्ट फाइनल हुई तो दिव्येंदु को मुन्ना त्रिपाठी का रोल ऑफर हुआ और लोगो को उनकी एक्टिंग काफी पसंद आयी और उनके डायलॉग्स भी काफी वायरल हुए।

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  1. अखंडानंद त्रिपाठी की हवेली के शॉट्स के लिए जो हवेली चुनी गयी थी उस हवेली को 10 दिनों के अंदर त्रिपाठी खानदान की हवेली के रुप में तैयार कर लिया था।उस हवेली के शॉट्स वाराणसी की मोती झील हवेली में लिए गए है।

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  1. मिर्ज़ापुर सीजन 2 में बबलू ब्लैक डायरी जो गोलू के पास दिखाई गई है, उस डायरी में काफी बड़े अक्षरों में टी लिखा हुआ है उसे प्रोडक्शन डिजाइन टीम ने डिस्कशन के बाद डिजाइन कराया था और जिसका मतलब त्रिपाठी है……..

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  1. अभिषेक बनर्जी जो शो के कास्टिंग डायरेक्टर हैं उन्होंने ही मुन्ना के दोस्त कम्पाउंडर का रोले भी मिर्ज़ापुर सीजन 1 में निभाया है।

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   7.मिर्ज़ापुर में अफीम का इस्तेमाल होते हुए भी दिखाया गया है हलाकि वह असली अफीम नहीं थी पर उन्होंने उसे बनाने के                लिए बड़े ही अनोखा रास्ता अपनाया। एक प्रकार के अफीम को काली मिटटी और दूसरे प्रकार के अफीम को डार्क चॉकलेट            और दूध को मिलाकर एकदम असली अफीम दिखने के लिए बनाया गया था।