केहते हैं कानून तोड़ना ग़लत है, और गुनाह की सज़ा अदालत में मिलती है। और पुलिस का काम होता हैं की वो आरोपी को पकड़े और उसे न्यायालय में पेश करे, आगे न्यायालय बताएगा क्या करना हैं? लेकिन इन सबके बीच अगर ख़ुद पुलिस ही आरोपी बन जाए, तो फिर कानून व्यवस्था पर सवाल उठना लाज़मी है।

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तमिलनाडु के तुत्तुकुडी से कुछ ऐसी ही दुखद घटना सामने आई है। यहां पेशे से दुक़ानदार एक पिता-पुत्र की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई। जो की अब पुलिस पर ही सवाल उठा रही हैं। इसके बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन हुए और व्यापारियों ने कथित पुलिस बर्बरता के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करते हुए अपनी दुकानें बंद कर दीं।

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रिपोर्ट्स के अनुसार, जयराज (63) को कथित तौर पर रात 9 बजे के बाद अपनी दुक़ान खुली रखने के लिए पकड़ा गया था। पुलिस उनको पूछताछ के लिए थाने ले गई। जब उनके बेटे फ़ेनिक्स (31) उन्हें छुड़ाने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया। कथित तौर पर पिता और पुत्र दोनों को बेरहमी से पीटा गया और मेडिकल सहायता देने से मना कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

अब इस घटना के बाद लोग भड़क गए और सोशल मीडिया पर लोग दुक़ानदारों की मौत के दोषियों पर कार्रवाई करने और मृतकों के परिवार के लिए इंसाफ़ की मांग कर रहे हैं। और फिर सोशल मीडिया पर #JusticeforJayarajAndFenix ट्रेंड करने लगा।