देशव्यापी तालाबंदी का तीसरा चरण जल्द ही समाप्त होने वाला है। 18 मई से, हम 4 वें चरण में प्रवेश करेंगे जिसमें कुछ रिलैक्सेशन मिल सकते हैं।

इस समय, केंद्र सरकार के वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों में फंसे कई भारतीयों को भी देश वापस लाया जा रहा है।

ऐसे मैं उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा विदेश से लौट रहे प्रदेशवासियों के लिए विशेष बसों और टैक्सी की व्यवस्था की जा रही है. हालांकि, इनके लिए यात्रियों को भारी बरकम रकम चुकानी पड़ेगी।

सोर्स : गूगल

यूपी रोडवेज़ की जो बसें, टैक्सी चलाई जाएंगी उनके लिए काफी ऊंचे दाम में किराया वसूला जाएगा। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से 250 किमी. की रेंज के लिए अगर किसी को टैक्सी लेनी होगी, तो उसे 10 हजार रुपये देने होंगे। इसके अलावा अतिरिक्त किमी पर चालीस रुपये अतिरिक्त देना होगा।

वहीं अगर कोई वयक्ति एसयूवी बुक करवाता है, तो उसे 250 किमी. के लिए 12 हजार रुपये देने होंगे। UP रोडवेज़ की ओर से जो एसी बसों की सुविधा की जा रही हैं, उनमें 100 किमी. यात्रा के लिए 1500 रुपये देने होंगे. वहीं, इससे आगे 101-200 किमी. तक की यात्रा के लिए किराया दोगुना हो जाएगा।

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यूपी रोडवेज़ की बसों में अभी केवल 26 यात्रियों को बैठने की इजाजत होगी, क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। यात्रियों की सहूलियत के लिए गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर की 15 बसों को विदेशियों को लाने और ले जाने के लिए लगाया गया हैं।

संकट के इस दौर में सरकार की ओर से ऐसी यात्राओं के लिए काफी महंगे दाम वसूले जा रहे हैं, जिसपर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं.