आज के आर्टिकल मैं हम आपको बताएँगे महिलाओं पर हो रहे घरेलू दुर्व्यवहार का बारे मैं , जैसे की आपको जानना छाइये अकेले अप्रैल के दूसरे सप्ताह में, दिल्ली में 2,500 महिलाओं ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल किया, जो घरेलू दुर्व्यवहार के विभिन्न रूपों की सूचना देते हैं।

तालाबंदी के दौरान घरों में हिंसा बढ़ गई है क्योंकि महिलाएं वास्तव में अपने अपराधियों कहे या फिर अपने घरवालों के साथ अपने अपने घरों के अंदर फंस गई हैं।

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सोर्स : गूगल

आंकड़ों के अनुसार, भारत में तीन में से एक महिला किसी न किसी रूप में घरेलू हिंसा का सामना करती है – शारीरिक, मानसिक, यौन या आर्थिक। तो अगर महिलाएं के साथ अत्याचार बिना लॉक डाउन मैं हो सकता हैं जब आधे समय घर से दूर रहती हियँ या फिर उनके घरवाले दूर होते हैं , तो फिर लॉकडाउन के दौरान वे खुद को कैसे सुरक्षित रख सकती हैं?

आज हम आपको सिविक स्टूडियो की तरफ से बनाये गए एक वीडियो में बारे मैं बताते हैं,जिसमे विशेषज्ञ एलेन एस मार्क्स, मुंबई उच्च न्यायालय के एक वकील और आरथी चंद्रसेकर, कार्यक्रम समन्वयक, टीआईएसएस उन तरीकों के बारे में बात करते हैं जिसने हो रही घरेलु हिंसा को रोका जा सकता हैं।

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उमंग सबरवाल ने बताया हैं जो की क्रिएटिव प्रोडूसर हैं उन्होंने कहा हैं कि, इस वीडियो का उद्देश्य घरेलू हिंसा के साथ-साथ दोस्तों, परिवार, निर्माण संघों आदि जैसे घरेलू हिंसा का सामना करने वालों को लोगो व्यावहारिक सलाह और उचित कदम प्रदान के बारे मैं जानकारी देता हैं।

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घरेलु हिंसा को रोकने के लिए सबसे पहला कदम यह हैं की, आपको स्वीकारकरना होगा की आपके पास हिंसा-मुक्त जीवन का अधिकार है। कि आपको भारत सरकार द्वारा दिए एक स्वतंत्र व्यक्ति के रूप में जीने के हकदार हैं और आपको अधिकार दिया गया है।

दूसरा कदम मैं आपको अपने आपको हिंसा होने वाले समय से पहले खुद को उस स्थान से दूर करना हैं। इसके अलावा, सभी खतरनाक या तेज वस्तुओं को छिपाएं रखना छाइये ताकि उनका उपयोग न किया जा सके।

यदि अगर आपको चोटें आती हैं तो, पीड़ित को तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

वीडियो को हमने निचे पोस्ट किया आप देखे और ऐसे कई तरीके जिनसे आप पर हो रहे घरेलू हिंसा को रोक सकते हैं।